कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (Agricultural Technology Management Agency)
1. परिचय
भारत की स्वतंत्रता से पहले और बाद के वर्षों में किसानों तक कृषि प्रौद्योगिकी पहुँचाने तथा उसका हस्तांतरण करने के उद्देश्य से गैर-औपचारिक शिक्षा के माध्यम से अनेक कृषि विस्तार कार्यक्रम लागू किए गए। इनमें गुड़गाँव परियोजना, मार्तंडम परियोजना, श्रीनिकेतन परियोजना, राष्ट्रीय विस्तार सेवा (NES), सामुदायिक विकास कार्यक्रम (CDP), गहन कृषि जिला कार्यक्रम (IADP) तथा प्रशिक्षण एवं भ्रमण विस्तार कार्यक्रम (Training and Visit Extension Programme) आदि शामिल हैं।
इन कार्यक्रमों ने ग्रामीण समुदाय के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम को काफी सफलता मिली। हालाँकि, इस कार्यक्रम की कुछ कमियों को दूर करने तथा नए सुधारों को शामिल करने के लिए भारत सरकार के कृषि मंत्रालय ने हैदराबाद स्थित MANAGE (राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान) के सहयोग से एक नई प्रायोगिक कृषि विस्तार परियोजना तैयार की।
इस प्रायोगिक परियोजना की सफलता के बाद भारत सरकार ने “Support to State Extension Programmes for Extension Reforms” नामक केंद्र प्रायोजित योजना शुरू की। वर्ष 2005 में इस योजना के कार्यान्वयन के लिए भारत के 588 ग्रामीण जिलों में कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (ATMA) की स्थापना की प्रक्रिया शुरू की गई।
नागालैंड में ATMA की स्थापना वर्ष 2005 में सर्वप्रथम तीन जिलों—कोहिमा, दीमापुर और मोकोकचुंग—में की गई। इसके बाद वर्ष 2008 तक इसे राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किया गया।
2. ATMA कार्यक्रम की विशेषताएँ (Characteristics of ATMA Programme)
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राज्य में पहले से संचालित कृषि विस्तार कार्यक्रमों को सहयोग प्रदान करना।
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केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में कार्य करना।
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केंद्र स्तर पर भारत सरकार के कृषि मंत्रालय तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DACFW) द्वारा इसका प्रबंधन किया जाना।
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राज्य के कृषि विभाग के माध्यम से जिला स्तर पर कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (ATMA) द्वारा योजना का कार्यान्वयन करना।
3. ATMA क्या है? (What is ATMA?)
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यह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत एक संस्था है।
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यह एक गैर-सरकारी संगठन (NGO) के रूप में कार्य करता है।
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यह किसानों को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की विस्तार सेवाएँ प्रदान करने के लिए उत्तरदायी एक स्वायत्त संस्था है।
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यह कृषि तथा संबद्ध विभागों की विस्तार सेवाओं के समन्वय हेतु कार्य करता है।
4. उद्देश्य एवं लक्ष्य (Aims)
कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (ATMA) का मुख्य उद्देश्य राज्य में कृषि विस्तार सेवा वितरण प्रणाली को मजबूत बनाना तथा उसकी कमियों को दूर करना है।
इसका लक्ष्य सहभागितापूर्ण दृष्टिकोण अपनाकर किसानों तक उनकी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी कृषि प्रौद्योगिकी पहुँचाना है। इसके माध्यम से कृषि विस्तार प्रणाली को किसान-केंद्रित, किसानों की आवश्यकताओं के प्रति उत्तरदायी तथा जवाबदेह बनाना है।
5. प्रमुख उद्देश्य (Objectives)
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कृषि प्रणाली पर आधारित एकीकृत एवं व्यापक कृषि विस्तार सेवा तंत्र सुनिश्चित करना, जिसमें नीचे से ऊपर की ओर योजना निर्माण (Bottom-up Planning) पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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कृषि विस्तार सेवाओं में समूह-आधारित दृष्टिकोण अपनाना।
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किसान-केंद्रित योजनाओं के नियोजन, निष्पादन एवं कार्यान्वयन में समन्वय स्थापित करना।
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सरकारी एवं निजी कृषि विस्तार सेवा प्रदाताओं को शामिल करते हुए बहु-संस्थागत विस्तार रणनीतियों को प्रोत्साहित करना।
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महिला किसानों सहित विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं एवं समस्याओं का समाधान करना।
6. अपनाई गई रणनीतियाँ (Strategies Adopted)
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नीचे से ऊपर की ओर योजना निर्माण की प्रक्रिया के माध्यम से विकेंद्रीकृत निर्णय प्रणाली अपनाना।
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संबंधित विभागों, अनुसंधान केंद्रों तथा राज्य कृषि विश्वविद्यालयों (SAUs) के साथ समन्वय स्थापित करना।
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किसान समूहों का गठन करना, जैसे CIGs, FIGs, FSGs तथा किसान उत्पादक संगठन (FPOs)।
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सरकारी एवं निजी क्षेत्र के बीच कृषि विस्तार सेवाओं में साझेदारी को प्रोत्साहित करना।
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सभी ATMA कार्यक्रमों में छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए कम-से-कम 50% तथा महिला किसानों के लिए 30% भागीदारी आरक्षित रखने का प्रावधान सुनिश्चित करना, जैसा कि मूल विवरण में उल्लेखित है।
7. कार्यप्रणाली (Operational Modality)
जिला स्तर
जिला स्तर पर ATMA, कृषि एवं संबद्ध विभागों के साथ समन्वय स्थापित करके कार्य करता है। इसके अंतर्गत ATMA गवर्निंग बोर्ड (Governing Board) तथा ATMA प्रबंधन समिति (Management Committee) कार्यरत होती हैं।
मूल विवरण के अनुसार, जिला उपायुक्त (Deputy Commissioner) गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष तथा जिला कृषि अधिकारी (District Agriculture Officer) प्रबंधन समिति के अध्यक्ष होते हैं।
प्रखंड स्तर
प्रखंड स्तर पर ATMA, प्रखंड प्रौद्योगिकी दल (Block Technology Team — BTT) के माध्यम से कार्य करता है। इस दल का नेतृत्व BTT संयोजक (Convener) करता है। इसमें कृषि एवं संबद्ध विभागों के विस्तार अधिकारी तथा ATMA के सहायक कर्मचारी शामिल होते हैं।
इस दल को प्रखंड किसान सलाहकार समिति (Block Farmers’ Advisory Committee — BFAC) तथा किसान मित्रों (Farmer Friends — FFs) का सहयोग प्राप्त होता है।
ये सभी मिलकर किसानों के लिए विस्तार कार्यक्रमों की पहचान, योजना निर्माण तथा कार्यान्वयन में सहायता करते हैं।
8. कार्यक्षेत्र (Operating Areas)
ATMA मोकोकचुंग जिले के सभी प्रखंडों में अपने कार्यक्रमों का कार्यान्वयन करता है। मूल विवरण के अनुसार, इसके कार्यक्षेत्र में निम्नलिखित नौ प्रखंड शामिल हैं:
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चांगटोंग्या (Changtongya)
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चुचुयिमलांग (Chuchuyimlang)
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कोबुलोंग (Kobulong)
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मंगकोलेम्बा (Mangkolemba)
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लोंगचेम (Longchem)
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ओंगपांगकोंग उत्तर (Ongpangkong North)
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ओंगपांगकोंग दक्षिण (Ongpangkong South)
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त्सुरांगकोंग (Tsurangkong)
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तुली (Tuli)
ATMA किन संस्थाओं के साथ कार्य करता है?
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कृषि एवं संबद्ध विभाग।
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अनुसंधान संस्थान एवं कृषि विश्वविद्यालय।
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गैर-सरकारी संगठन (NGOs) तथा निजी कृषि विस्तार एजेंसियाँ।
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जिले में कृषि विस्तार से संबंधित अन्य हितधारक।
9. प्रमुख गतिविधियाँ (Cafeteria of Activities)
ATMA के अंतर्गत किसानों की क्षमता बढ़ाने, कृषि तकनीकों के प्रसार तथा कृषि विकास को प्रोत्साहित करने के लिए निम्नलिखित गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं।
1. रणनीतिक योजना निर्माण: सहभागितापूर्ण ग्रामीण मूल्यांकन (Participatory Rural Appraisal) के माध्यम से पाँच वर्षीय रणनीतिक अनुसंधान एवं विस्तार योजना (SREP) तथा वार्षिक जिला कृषि कार्ययोजना (DAAP) तैयार करना।
2. किसान प्रशिक्षण: अंतर्राज्यीय, राज्य के भीतर तथा प्रखंड स्तर पर किसानों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करना।
3. प्रदर्शन कार्यक्रम: किसानों को व्यावहारिक जानकारी देने के लिए कृषि तकनीकों का प्रदर्शन तथा परिणाम प्रदर्शन आयोजित करना।
4. किसानों के अध्ययन भ्रमण: अन्य राज्यों, राज्य के भीतर तथा प्रखंड स्तर पर किसानों के लिए शैक्षणिक एवं अनुभवात्मक भ्रमण आयोजित करना।
5. किसान समूहों का गठन: किसानों को समूहों में संगठित करना, उनकी क्षमता का विकास करना तथा प्रारंभिक वित्तीय सहायता (Seed Money) उपलब्ध कराना।
6. किसानों का सम्मान: व्यक्तिगत किसानों एवं किसान समूहों को नकद पुरस्कार और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित करना।
7. जिला स्तरीय प्रदर्शनियाँ: जिला स्तरीय कृषि प्रदर्शनियों एवं किसान मेलों (Kisan Melas) का आयोजन करना।
8. कृषि संबंधी जानकारी का प्रसार: विभिन्न संचार माध्यमों के जरिए किसानों तक कृषि संबंधी जानकारी पहुँचाना।
9. फील्ड दिवस एवं किसान गोष्ठियाँ: किसानों के साथ खेतों में फील्ड दिवस तथा किसान गोष्ठियों का आयोजन करना।
10. संयुक्त क्षेत्रीय भ्रमण: कृषि विस्तार अधिकारियों तथा कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के विशेषज्ञों द्वारा किसानों के खेतों का संयुक्त दौरा करना।
11. कृषि तकनीकों का मूल्यांकन: कृषि तकनीकों का मूल्यांकन, परिष्करण, सत्यापन एवं अपनाने को प्रोत्साहित करना तथा अल्पकालीन अनुसंधान परीक्षण आयोजित करना।
12. कर्मचारियों का क्षमता विकास: कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण तथा कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करना।
13. नवाचार गतिविधियाँ: जिला स्तर पर कृषि संबंधी नवीन एवं उपयोगी गतिविधियों को प्रोत्साहित करना।
14. फार्म स्कूलों की स्थापना: कृषि संबंधी व्यावहारिक शिक्षा के लिए फार्म स्कूलों की स्थापना एवं संचालन करना।
15. वित्तीय संस्थानों से संपर्क: किसान समूहों को बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों से जोड़ना।
16. विभिन्न कृषि योजनाओं का कार्यान्वयन: ATMA के सहायक कर्मचारियों की सक्रिय भागीदारी से MOVCDNER, PMKSY, RKVY, FOCUS तथा UNDP कार्यक्रमों सहित विभिन्न कृषि एवं संबद्ध योजनाओं के कार्यान्वयन में सहायता करना।